The Free Dictionary  
mailing list For webmasters
Welcome Guest Forum Search | Active Topics | Members

ये गुलिस्तान हमारा.... Options
noorfr
Posted: Monday, October 24, 2011 9:20:49 AM

Rank: Advanced Member

Joined: 1/11/2011
Posts: 196
Neurons: 4,341
Location: New Delhi, NCT, India
मैं कभी कभी यहाँ आता हूँ, इधर उधर भटकता हुआ, कुछ समय रुकता हूँ, कोई आवाज़ सुनाई नहीं देती।
ऐसा लगता है कि किसी पुराने से मकान के खंडहर में खड़ा हूँ।
मुझे हरसू यादें बिखरी नज़र आती हैं..... यादें उन दिनों की जब यह घर आबाद था.... हम से आबाद था....
क्या दिन थे वह -

उत्कर्ष में है गुनगुनाता गुन गुंजिका का गुंजन, ल्यूडिक से फैलती है झनझन झनाझन झनझन|
श्री ज्ञान से सुसज्जित है श्री ओऽम का सुकंपन,हर दिशा में है फैला एक नूर यहाँ से छन छन||

हालाँकि यहाँ व्यक्तिगत सूत्र बनाना नियम के विरुद्ध है। मगर मैं अपने घर को यूं वीरान भी कैसे छोड़ सकता हूँ। सो अब जब भी यहाँ से गुज़रूँगा, अपने दामन से कुछ फूल यहाँ छोड़ जाऊंगा। FDLF के Admins अगर चाहें तो इस सूत्र को मिटा दें।
noorfr
Posted: Monday, October 24, 2011 9:30:33 AM

Rank: Advanced Member

Joined: 1/11/2011
Posts: 196
Neurons: 4,341
Location: New Delhi, NCT, India
बोल इकतारे झन झन झन झन,

काहकशां है मेरी सुंदन, शाम की सुर्ख़ी मेरा कुंदन,
नूर का तड़का मेरी चिलमन, तोड़ चुका हूं सारे बंधन,
पूरब पच्छम उत्तर दक्खन, बोल इकतारे झन झन झन झन......


- जोश मलीहाबादी
noorfr
Posted: Friday, October 28, 2011 4:11:42 PM

Rank: Advanced Member

Joined: 1/11/2011
Posts: 196
Neurons: 4,341
Location: New Delhi, NCT, India
हमने तुझको लाख पुकारा तू लेकिन ख़ामोश रहा,
आख़िर सारी दुनिया से हम तेरे बहाने रूठ गये॥
- नासिर
noorfr
Posted: Tuesday, November 8, 2011 5:18:46 AM

Rank: Advanced Member

Joined: 1/11/2011
Posts: 196
Neurons: 4,341
Location: New Delhi, NCT, India
मैं अपने हर्फ़-ए अव्वल से ही तुझको
बयाज़-ए दिल पे लिखता आ रहा हूँ॥

- राशिद फ़ज़ली
srirr
Posted: Tuesday, November 8, 2011 5:44:16 AM

Rank: Advanced Member

Joined: 12/29/2009
Posts: 8,507
Neurons: 484,288
हृदय के तारों को झंकृत कर दे, वो आवाज़ यही कहीं है
कुटिया को मेरी सुवासित कर दे, वो पुष्प यहीं कहीं है
ढूंढ रहा था मैं जिसे हरसू व्याकुल होकर
वह मनभावन मीत यहीं कहीं है

srirr
Posted: Friday, November 11, 2011 12:48:41 AM

Rank: Advanced Member

Joined: 12/29/2009
Posts: 8,507
Neurons: 484,288
मैं हार गयी, मन मार गयी, कित जाऊं बिरह की मारी मैं
सुध ना हो मोरे जी में, कब उनसे ठानी रारी मैं
मोरे साजन जो भटके परदेस, और हिय अकेला मोरा घबराये
निर्बाध सुमंगल होंगे वो, मैं जी को अपने समझाए

noorfr
Posted: Saturday, November 12, 2011 9:34:54 AM

Rank: Advanced Member

Joined: 1/11/2011
Posts: 196
Neurons: 4,341
Location: New Delhi, NCT, India
हँस देता जब प्रात, सुनहरे अंचल में बिखरा रोली,
लहरों की बिछलन पर जब मचली पड़तीं किरनें भोली,
तब कलियाँ चुपचाप उठाकर पल्लव के घूँघट सुकुमार,
छलकी पलकों से कहती हैं, कितना मादक है संसार।


my most fevourite lines ever perhaps,,, since my early childhood when i heard it for the first time,, i may not remember it correctly... but that doesn't matter,, say - तुझसे लफ़्ज़ों का नहीं रूह का रिश्ता है मेरा... तू मेरी साँसों में तहलील है ख़ुशबू की तरह.
noorfr
Posted: Tuesday, November 29, 2011 11:13:13 PM

Rank: Advanced Member

Joined: 1/11/2011
Posts: 196
Neurons: 4,341
Location: New Delhi, NCT, India
कामायनी - a poetry book always present in my reading bookshelf...

नारी तुम केवल श्रद्धा हो विश्वास रजत नग पगतल में,
पीयूष स्रोत बहा करो जीवन के सुंदर समतल में।
noorfr
Posted: Friday, December 2, 2011 5:02:19 AM

Rank: Advanced Member

Joined: 1/11/2011
Posts: 196
Neurons: 4,341
Location: New Delhi, NCT, India
सर ज़मीन-ए हिन्द पर अक़वाम-ए आलम के फ़िराक़।
कारवाँ बस्ते गये,
हिन्दोस्ताँ बंता गया॥


फ़िराक़ गोरखपुरी
Gunjika
Posted: Sunday, December 4, 2011 8:42:28 AM
Rank: Advanced Member

Joined: 1/10/2011
Posts: 376
Neurons: 1,127
Location: India
बेहद मसरूफ हूँ, पर जब-तब पुरानी किताबों के पन्ने पलटने से बाज़ नहीं आती | आपके शब्द इन किताबों में दबे सूखे फूलों की तरह मिले... पुराने मगर खुशनुमा !

दिल खुश हुआ तो ये चुहल भरी बात याद आयी कि:

ऐ फ़िराकवाली तू ये न समझ कि फ़िराक तेरी फ़िराक में है ,
फ़िराक तो उसकी फ़िराक में हैं जो फ़िराक की फ़िराक में है !

:)
srirr
Posted: Tuesday, December 6, 2011 4:48:50 AM

Rank: Advanced Member

Joined: 12/29/2009
Posts: 8,507
Neurons: 484,288

गुन्जिकाआआआआआआआआआआआअ!!!! :)

ludic
Posted: Friday, December 9, 2011 8:31:06 AM

Rank: Advanced Member

Joined: 12/7/2010
Posts: 1,153
Neurons: 3,544
Location: New Delhi, NCT, India
मैं इतने दिनों तक ना उपस्थित होने के लिए माफ़ी चाहती हूँ... medical school में तो सोने पर भी guilty महसूस करते हैं!!
noorfr
Posted: Friday, December 9, 2011 9:19:35 AM

Rank: Advanced Member

Joined: 1/11/2011
Posts: 196
Neurons: 4,341
Location: New Delhi, NCT, India
फूलों के रंग से,
दिल की क़लम से,
तुझको लिखी रोज पाती
कैसे बताऊँ, किस किस तरह से,
पल पल मुझे तू सताती
तेरे ही सपने, लेकर के सोया, तेरे ही यादों में जागा
तेरे ख्यालों में उलझा रहा यूं, जैसे के माला में धागा
बादल बिजली, चन्दन पानी, जैसा अपना प्यार
लेना होगा, जनम हमें, कई कई बार

- नीरज
srirr
Posted: Sunday, December 11, 2011 11:30:42 PM

Rank: Advanced Member

Joined: 12/29/2009
Posts: 8,507
Neurons: 484,288
प्रफुल्लित है ह्रदय सुन कर फिर से वो गुंजन
हो रहा है फिर से भावों का रंजन
वेद की ऋचा हो या कुरान की आयतें
एक ही नूर सर्वस्व, सभी का अभिनन्दन


P.S.: Ludic, तो इसका मतलब ये हुआ कि आपने मेडिकल की परीक्षा को तोड़ कर रख दिया. बधाई हो, डॉक्टर साहिबा.
srirr
Posted: Wednesday, December 21, 2011 4:08:45 AM

Rank: Advanced Member

Joined: 12/29/2009
Posts: 8,507
Neurons: 484,288
है कोई गाँव देहात में, कोई है शहरों में
है कोई उन्मुक्त विचर रहा, कोई है पहरों में
इक राह पर थे चले सभी, हाथों में लेकर हाथ
हम साथ नहीं हैं पर लगता है कि हैं साथ
देख रहा आशातुर होकर वो सूनी पड़ी राह
जुड़ जाएँ फिर हाथों से हाथ, यही एक बस चाह
Gunjika
Posted: Friday, December 23, 2011 7:11:27 AM
Rank: Advanced Member

Joined: 1/10/2011
Posts: 376
Neurons: 1,127
Location: India
Hey Congratulations Ludic. Applause
ludic
Posted: Saturday, December 24, 2011 12:18:53 PM

Rank: Advanced Member

Joined: 12/7/2010
Posts: 1,153
Neurons: 3,544
Location: New Delhi, NCT, India
thanks, aap sabhi ko. haan, maine entrance exam to clear kar liya, lekin yahaan ek ek exam pass karna ek nayi chunauti ke samaan hai!

P.S. @Gunjika... aapki tabiyat kaisi hai?
Gunjika
Posted: Tuesday, December 27, 2011 11:19:42 AM
Rank: Advanced Member

Joined: 1/10/2011
Posts: 376
Neurons: 1,127
Location: India
Thanks Ludic, I am fine. :)
srirr
Posted: Wednesday, January 4, 2012 11:08:21 PM

Rank: Advanced Member

Joined: 12/29/2009
Posts: 8,507
Neurons: 484,288
नूतन वर्ष के आगमन पर आप सभी को मंगलकामनाओं सहित हार्दिक बधाई !
noorfr
Posted: Wednesday, February 1, 2012 12:21:48 PM

Rank: Advanced Member

Joined: 1/11/2011
Posts: 196
Neurons: 4,341
Location: New Delhi, NCT, India
निगाहें ढूंढती हैं
इक अजनबी से शहर में
जाने पहचाने से चेहरे
जिनके बिना
ये मेरा अपना ही शहर
अजनबी हो गया है......

- शम्स अलफ़ारुक़ी
noorfr
Posted: Monday, April 16, 2012 5:29:14 AM

Rank: Advanced Member

Joined: 1/11/2011
Posts: 196
Neurons: 4,341
Location: New Delhi, NCT, India
हर सांस में खिलती हुई कलियों की महक थी।
यह बात है उस दौर की जब दिल में कसक थी।
अब चाँद के हमराह निकलते नहीं वह लोग,
इस शहर की रौनक़ मेरी आवारगी तक थी॥

- नासिर काज़मी
noorfr
Posted: Sunday, June 3, 2012 3:24:52 AM

Rank: Advanced Member

Joined: 1/11/2011
Posts: 196
Neurons: 4,341
Location: New Delhi, NCT, India
आये भी लोग, बैठे भी, उठ भी खड़े हुये।
मैं जा ही ढूंढता तेरी महफ़िल में रह गया॥

- ख़्वाजा आतिश
noorfr
Posted: Friday, October 18, 2013 11:53:38 AM

Rank: Advanced Member

Joined: 1/11/2011
Posts: 196
Neurons: 4,341
Location: New Delhi, NCT, India
चोरी चोरी हमसे तुम आकर मिले थे जिस जगह
मुद्दतें गुज़रीं पर अब तक वह ठिकाना याद है ॥

- हसरत मोहानी
noorfr
Posted: Monday, December 30, 2013 3:47:59 AM

Rank: Advanced Member

Joined: 1/11/2011
Posts: 196
Neurons: 4,341
Location: New Delhi, NCT, India
हमें तो जान से उस पर निसार होना था
यह हादसा भी फ़क़त एक बार होना था
क़ज़ा से ख़ुद को भला हम बचायेंगे कब तक
हमें भी एक दिन उस का शिकार होना था


- फ़रहत बदायूनी
srirr
Posted: Tuesday, February 4, 2014 3:39:17 AM

Rank: Advanced Member

Joined: 12/29/2009
Posts: 8,507
Neurons: 484,288
सेहरा से मेरी वापसी बेवजह तो नहीं,
तकदीर में था शहर को मसमार देखना।
Tovarish
Posted: Tuesday, February 4, 2014 3:46:15 AM
Rank: Advanced Member

Joined: 9/2/2009
Posts: 11,101
Neurons: 39,933
Location: Booligal, New South Wales, Australia
goodness me srirr, you are back, great to see your name.
srirr
Posted: Tuesday, February 4, 2014 3:58:26 AM

Rank: Advanced Member

Joined: 12/29/2009
Posts: 8,507
Neurons: 484,288
Thanks Tov. I am once again in my TFD family. Dancing Its so good to see you all.

How are you and your back? :) Don't take a horse ride any more. Its better to be joey in the pouch.

noorfr
Posted: Sunday, July 20, 2014 7:31:24 AM

Rank: Advanced Member

Joined: 1/11/2011
Posts: 196
Neurons: 4,341
Location: New Delhi, NCT, India
srirr wrote:
सेहरा से मेरी वापसी बेवजह तो नहीं,
तकदीर में था शहर को मसमार देखना।

कहाँ सेहरा में घूमने चले गये थे भई। और वापस आ कर क्या बरबादी देख ली जो ऐसा शेर कहा है।
srirr
Posted: Wednesday, August 6, 2014 1:19:34 AM

Rank: Advanced Member

Joined: 12/29/2009
Posts: 8,507
Neurons: 484,288
इस महफ़िल से दूर जाना सेहरा में ही तो जाना है। और लौटा तो दोस्तों की गैरमौजूदगी से पाला पड़ा। बस इसीलिए।
Users browsing this topic
Guest


Forum Jump
You cannot post new topics in this forum.
You cannot reply to topics in this forum.
You cannot delete your posts in this forum.
You cannot edit your posts in this forum.
You cannot create polls in this forum.
You cannot vote in polls in this forum.